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अतीत के प्रमुख घटना-क्रम....

1- 1203 में बिजयगढ़, बड़हर, अगोरी राज्य पर बालन्दशाह के शासन का अन्त और चंदेल राजवंश के पारीमल, बारी मल का आधिपत्य

2- 1290 में बिजयगढ़, बड़हर, अगोरी की रियासतों से चन्देलों की पराजय बालन्दशाह के वंशज घाटम की जीत व अधिग्रहण

3- 1310 में पारीमल के वंशज उड़नदेव द्वारा बिजयगढ़, बड़हर तथा अगोरी पर पुनःआधिपत्य

4- पन्द्रहवीं शदी में सिंगरौली पर बेनवंशी राजपूतों की जीत व अधिग्रहण 

5- 1550 में बेनवंशियों का सिंगरौली से बिजयगढ़, बड़हर के राजाओं द्वारा विस्थापन 

6- 1700 में सिंगरौली पर बेनवंशी राजपूत फकीरशाह का राज्यारोहण तथा सिंगरौली का शाहपुरा सिंगरौली के नाम से नामांतरण 

7- 1753 में राजा बनारस बलवंत सिंह द्वारा बिजयगढ किले का अधिग्रहण तथा बिजयगढ़, बड़हर, अगोरी राज्य पर कब्जा एवं सिंगरौली के राजा से समझौता

8- 1770 में बलवंत सिह की मृत्यु 

9- 10 अक्टूबर 1770 को बलवंतसिंह के दूसरे पुत्र चेत सिंह का राज्याभिषेक और बनारस राज्य का नेतृत्व

10- 1781 में बिजयगढ़ किले पर अंग्रेजों का कब्जा तथा बिजयगढ़, बड़हर, अगोरी एवं सिंगरौली राज्य का अधिग्रहण

11- 1781 में ही बिजयगढ़, बड़हर, अगोरी तथा सिंगरौली के राजाओं का अंग्रेजों द्वारा पुनरस्थापन एवं राजस्व के लिए समझौता

12- 1811 में चंत सिंह की मृत्यु

13- 1830 में मीरजापुर को अलग राजस्व जनपद की मान्यता

14- 19 मई 1857 को मीरजापुर में अजादी के जन-संघर्ष का प्रारंभ

15- 6 जून 1857 को अंग्रेजों द्वारा स्वतंत्राता आकांक्षियों का बर्बर दमन

16- 10 जून 1857 को 27 स्वंतत्रता आकांक्षियों का गिाफ्तारी एव दमन

17- 22 जून 1857 को मीरजापुर के पास स्थित गौरा गॉव के स्वतंत्राता आकांक्षियों का अंग्रजों पर हमला

18- 4 जुलाई 1857 को अंग्रेज मजिस्ट्रेट मूर का अदालती कार्यवाही के समय ही झूरी सिंह द्वारा वध 

19- 24 अगस्त 1857 को कुअरसिंह का रामगढ में प्रवास एवं क्रान्ति की तैयारी

20- 9 जनवरी 1858 को अंग्रेज कजक्टर टक्कर का राजा लक्ष्मण सिंह का पीछा करना तथा मॉची के जंगल में 200 स्वतुत्राता आकांक्षियों के साथ शहीद होना

21- 1890-1895 के मध्य मीरजापुर में कांग्रेस पारटी का गठन एवं उपेन्दनाथ बनर्जीको अध्यक्ष बनाया गया

22- 19 फरवरी 1922 में राबर्ट्सगंज में अंग्रेजांे के खिलाफ एक बड़ी सभा का सफल आयोजन

23- 3 फरवरी 1928 को मीरजापुर में साइमन कमीशन का सफल विरोध

24- 4 मार्च 1929 कोजवाहरलाल नेहरू की चुनार में सफल जन-सभा

25- 19 नवम्बर 1929 को गॉधी जी का मीरजापुर रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत

26- 6 अप्रैल 1930 को मीरजापुर में जे.एन.विल्सन के नंतृत्व में नमक आन्दोलन का प्रारंभ उसी दिन नमक बनाने का काम चील्ह,विन्ध्याचल, और चुनार में प्रारंभ

27- अपैल में ही अंग्रेजी स्कूलों तथा अ्रग्रेजी शिक्षा तथा अंग्रेजी सामानों का का बहिष्कार

28- भगतसिंह और मोतीलाल नेहरू की म्त्यु पर मीरजापुर में शोकसभा

29- 22 जुलाई 1934 को गांधी जी का मीरजापुर रेलवे स्टेशन पर स्वागत

30- 1941 में  सुभषचन्द्र बोस, रफी अहमद किदवई की मीरजापुर में पूर्ण आजादी की मॉग पर भाषण 

32- 13 अगस्त 1942 में स्वतंत्रता आकांक्षियो पर गोली चलाई गई दो की मृत्यु अनेक घायल    

17- अगस्त 42 को शोक दिवस मनाया गया

33- रोलेट एक्ट का सबल प्रतिरोध तथा 600 लोगों की मीरजापुर में गिरफ्तारी

34- इन्डिया कौन्सिल एक्ट 1861 का विरोध और गिरफ्तारियां

35- इन्डिया कौन्सिल एक्ट 1892 कुछ सुधारों के साथ पारित फिर भी जन-हित कारी नहीं तथा वह पूर्ण स्वराज्य वाला नहीं था सो सबल जनप्रतिरोध 

36- 1788-1789 का अंग्रेजी भूमि व राजस्व प्रबंधन

37- 1795 का स्थयी बन्दोबस्त, सर्वे एवं भौमिक अधिकार

38- पुनर्निरीक्षण 1886-87, पुनर्निरीक्षण 1897-98 

39- 1853 में दुद्धी अंग्रेजी नियंत्राण में, 1940, 1878-1885 का पुनर्निरीक्षण,दुद्धी का बन्दोबस्त,

बिजयगढ़, बड़हर तथा सिंगरौली इस्टेट की 1911 में जमीनदारी की स्थिति--


बिजयगढ रियासत़- तत्कालीन राजा राघोशरण सिंह

313 गॉव, 12 पट्टी कुल राजस्व 14130 रु.

तथा शाहाबाद, बंगाल में 

13 गॉव, 2 पट्टी राजस्व 2615 रु.

तालुका सिद्धी (बिजयगढ़़)

42 गॉव 

अगोरी-बड़हर रियासत- रानी बेद शरण कुंअरि

400 गॉव एवं 13 अन्य

राजस्व 35433 रु.

सिंगरौली रियासत - राजा रूद्रप्रताप सिंह 

116 गॉव मीरजापुर में तथा 191 गॉव सिंगरौली शाहपुर में

राजस्व 701 रु. 

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